MP Police भर्ती 2026: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, 10,000 पदों पर भर्ती को मिली हरी झंडी, जल्द बनेगा नया भर्ती बोर्ड

नमस्कार दोस्तों, मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड का बनना अब लगभग कन्फर्म हो चुका है। कल सीएम डॉ. मोहन यादव जी द्वारा इसे हरी झंडी दिखा दी गई है। अब आप लोगों का मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड फाइनली बन जाएगा।

आज की इस ब्लॉग में हम पूरी बात करेंगे कि पेपर को लेकर क्या नई अपडेट है, क्या आखिरकार यह भर्ती बोर्ड सच में बन जाएगा, और वे सभी बातें जिनको लेकर अभी उम्मीदवारों के मन में कई सवाल चल रहे हैं। क्योंकि ESB ने भी अपना कैलेंडर हटा दिया है, इसलिए इसे लेकर भी उम्मीदवारों के मन में कई तरह की बातें चल रही होंगी।

मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन पर बड़ी खबर

अब आज की इस पेपर कटिंग पर आते हैं।

आप यहां देख सकते हैं कि प्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड का जल्द गठन होगा। मुख्यमंत्री जी ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। यह भोपाल से जुड़ी बड़ी खबर है।

डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) से नीचे के सभी पदों पर भर्ती के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन शीघ्र किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार रात समीक्षा बैठक के दौरान इसे हरी झंडी दे दी है। साथ ही प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

10,000 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया

बैठक में यह भी कहा गया कि पुलिस आरक्षक (Constable) के 7,500 पदों सहित कुल 10,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

इसके लिए पुलिस मुख्यालय पहले ही शासन को प्रस्ताव भेज चुका था, जो कई महीनों से लंबित था। अब मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर तेजी से कार्रवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

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पुलिस आरक्षक के 22,500 पदों पर भर्ती को लेकर क्या है बड़ी अपडेट?

बता दें कि भर्ती बोर्ड के गठन और पुलिस आरक्षक के 22,500 पदों पर भर्ती की घोषणा खुद सीएम डॉ. मोहन यादव ने की थी।

अब इस लाइन से मुझे दो-तीन बातें समझ में आ रही हैं। यहां आप थोड़ा ध्यान दीजिए।

पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था, जो कई महीनों से लंबित था। अब मुख्यमंत्री ने जल्द भर्ती शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी बता दें कि भर्ती बोर्ड के गठन और पुलिस आरक्षक के 22,500 पदों पर भर्ती की घोषणा भी स्वयं मुख्यमंत्री ने की थी।

क्या नई भर्ती नए पैटर्न पर होगी?

अब जब फाइनली भर्ती बोर्ड बनने जा रहा है, तो क्या हम यह मान सकते हैं कि आगामी कांस्टेबल और एसआई भर्ती नए पैटर्न पर होगी?

फिलहाल जानकारी के अनुसार—

  • कांस्टेबल – 7,500 पद
  • एसआई – 500 पद
  • एएसआई – 500 पद
  • ड्राइवर सहित अन्य पद

इन सभी पदों को मिलाकर लगभग 10,000 से अधिक पदों की बात बार-बार सामने आ रही है। वहीं कुल 22,500 पदों की भर्ती का भी लगातार उल्लेख किया जा रहा है।

क्या यह भर्ती नए पैटर्न पर होगी? इसे लेकर आगे की जानकारी पर भी ध्यान देना जरूरी है।

डेढ़ साल से लंबित था भर्ती बोर्ड का प्रस्ताव

आगे बताया गया है कि भर्ती बोर्ड के गठन का प्रस्ताव लगभग डेढ़ वर्ष पहले आया था, लेकिन तभी से यह लंबित पड़ा हुआ था।

बैठक में सेफ सिटी कार्यक्रम से जुड़ी भी चर्चा हुई, जिसे आप अलग से पढ़ सकते हैं। वहीं साफ तौर पर यह लिखा गया है कि पुलिस आरक्षक सहित 10,000 पदों पर भर्ती जल्द शुरू होगी।

मुख्यमंत्री ने लंबित प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

अगली भर्ती ESB कराएगा या नया पुलिस भर्ती बोर्ड?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि पुलिस भर्ती बोर्ड बन जाता है, तो अक्टूबर या दिसंबर तक होने वाली संभावित भर्ती परीक्षा कौन आयोजित करेगा?

क्या यह परीक्षा ESB (व्यापम) कराएगा या फिर नया पुलिस भर्ती बोर्ड (PHQ) इसकी जिम्मेदारी संभालेगा?

इसी बीच ESB ने भी अपना कैलेंडर हटा दिया है और सूचना दी है कि नया कैलेंडर जल्द जारी किया जाएगा।

यदि नए कैलेंडर में एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती शामिल होती है, तो माना जा सकता है कि यह भर्ती ESB द्वारा आयोजित की जाएगी।

लेकिन यदि यह भर्ती कैलेंडर में शामिल नहीं होती है, तो संभावना बनती है कि नया बनने वाला पुलिस भर्ती बोर्ड (PHQ) ही इस परीक्षा का आयोजन करेगा।

सबसे बड़ा सवाल: सिलेबस क्या रहेगा?

अब यहां सबसे बड़ा सवाल सिलेबस को लेकर है।

अगर दोनों संस्थाएं भर्ती कराती हैं, तो आखिर सिलेबस कौन-सा होगा?

फिलहाल जो संकेत मिल रहे हैं, उनके अनुसार यह भर्ती पुराने (Old Pattern) सिलेबस पर भी हो सकती है।

इसका कारण यह है कि मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार को इस बार 7,500 कांस्टेबल और अगले वर्ष फिर 7,500 कांस्टेबल के पदों पर भर्ती करनी है।

मध्य प्रदेश में 2 लाख सरकारी भर्तियों का लक्ष्य

एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

सरकार लगातार 2 लाख सरकारी भर्तियों की बात कर रही है। इसके साथ ही युवाओं के लिए अलग युवा बजट लाने की भी तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही वर्ष 2027 को युवाओं को समर्पित वर्ष घोषित कर चुके हैं।

इसके तहत आगामी 2 वर्षों में 2 लाख सरकारी भर्तियों का लक्ष्य रखा गया है।

साथ ही युवाओं के लिए अलग से युवा बजट भी लाया जाएगा।

राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जून 2028 तक सभी रिक्त पदों की भर्ती का चार्ट तैयार कर लिया जाए।

सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में 100 प्रतिशत भर्तियां पूरी कर ली जाएं, क्योंकि 2028 में सिंहस्थ का आयोजन होना है और इसके लिए पर्याप्त कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।

क्या डेढ़ साल में दो बार कांस्टेबल भर्ती हो सकती है?

अब सवाल यह है कि हमारे पास वर्ष 2026 का लगभग आधा समय और 2027 का लगभग डेढ़ वर्ष बचा है।

क्या इस दौरान दो बार कांस्टेबल भर्ती हो सकती है?

यह कोई व्यक्तिगत अनुमान नहीं है।

कुल 22,500 पदों में से पहली भर्ती 7,500 पदों की मानी जा रही है, जबकि दो चरणों के 7,500-7,500 पद अभी बाकी बताए जा रहे हैं।

यदि पहली भर्ती अक्टूबर-दिसंबर तक हो जाती है, तो दूसरी भर्ती अगले वर्ष कराई जा सकती है।

हालांकि यदि नया भर्ती बोर्ड जल्दी बन जाता है, तो यह भी संभव है कि आगे की भर्ती परीक्षाएं वही आयोजित करे। लेकिन यह प्रक्रिया इतनी आसान भी नहीं है कि सभी काम तुरंत पूरे हो जाएं।

क्या आगामी 7,500 पदों की भर्ती ESB करा सकता है?

इसी वजह से संभावना यह भी है कि एमपी पुलिस के आगामी 7,500 पदों की भर्ती ESB अपने कैलेंडर में शामिल कर सकता है और यह भर्ती उसी के माध्यम से आयोजित हो सकती है।

इसके बाद कांस्टेबल, एएसआई, एसआई सहित अन्य भर्तियों की जिम्मेदारी नए पुलिस भर्ती बोर्ड को सौंपी जा सकती है।

फिलहाल सिलेबस को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं

मैंने पुराने सिलेबस की बात इसलिए कही क्योंकि संयुक्त अहर्ता (Common Eligibility) वाले नए सिलेबस को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है।

कहीं भी यह स्पष्ट नहीं बताया गया है कि सिलेबस बदल चुका है।

हालांकि इसे अक्टूबर से लागू किए जाने की बात जरूर कही जा रही है।

मेरे अनुसार अक्टूबर से पहले आने वाले अधिकांश नोटिफिकेशन ESB के पुराने सिलेबस के अनुसार ही हो सकते हैं।

ESB का नया कैलेंडर जारी होने के बाद होगी स्थिति साफ

पूरी स्थिति तब स्पष्ट होगी, जब ESB अपना नया कैलेंडर जारी करेगा।

यदि उसमें एमपी पुलिस कांस्टेबल और एमपी एसआई भर्ती शामिल होती है, तो यह माना जा सकता है कि भर्ती ESB ही कराएगा और उसी के पैटर्न पर परीक्षा होगी।

दूसरी ओर PHQ का भी अभी तक कोई आधिकारिक सिलेबस घोषित नहीं हुआ है।

क्योंकि नया भर्ती बोर्ड बन रहा है, इसलिए वह अपना अलग सिलेबस भी जारी कर सकता है।

PHQ के सिलेबस में कौन-कौन से विषय हो सकते हैं?

पिछली खबरों में यह भी कहा गया था कि नया पुलिस भर्ती बोर्ड, ESB के समकक्ष कार्य करेगा।

ऐसी स्थिति में संभावना है कि इसमें भी वही प्रमुख विषय शामिल हों, जैसे—

  • गणित (Maths)
  • रीजनिंग (Reasoning)
  • सामान्य ज्ञान (GK)
  • विज्ञान (Science)

हालांकि इसके अलावा बोर्ड एक-दो नए विषय भी जोड़ सकता है।

फिलहाल PHQ के सिलेबस को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसलिए अभी यह तय नहीं कहा जा सकता कि सिलेबस पुराना रहेगा या नया।

तैयारी जारी रखें, यही सबसे बेहतर रणनीति

मान लीजिए कोई भी सिलेबस लागू होता है, तब भी आपको—

  • गणित
  • रीजनिंग
  • सामान्य ज्ञान (GK)
  • मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान
  • इतिहास

जैसे विषयों की तैयारी करनी ही होगी।

इसलिए फिलहाल अपनी तैयारी लगातार जारी रखें और आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।

किन विषयों पर फोकस करना चाहिए?

सामान्य ज्ञान (GK) के अंतर्गत आपको कई महत्वपूर्ण विषयों की तैयारी करनी होती है, जैसे—

  • पॉलिटी (Polity)
  • इकोनॉमी (Economy)
  • करंट अफेयर्स (Current Affairs)
  • इतिहास (History)
  • भूगोल (Geography)
  • स्टैटिक जीके (Static GK)

यानी जीके के अंतर्गत आने वाले सभी विषयों की तैयारी आपको करनी ही होगी।

इसके अलावा साइंस (Science) भी परीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

क्या नए सिलेबस में हिंदी और कंप्यूटर भी शामिल होंगे?

अभी जो नया संयुक्त सामान्य अहर्ता (Common Eligibility) वाला सिलेबस ESB (व्यापम) लेकर आ रहा है, उसमें हिंदी और कंप्यूटर को भी शामिल किया गया है।

ऐसे में संभावना है कि नए एमपी पुलिस भर्ती सिलेबस में भी हिंदी और कंप्यूटर को जोड़ा जा सकता है।

इसलिए मेरी सलाह यही रहेगी कि फिलहाल आप इन सभी विषयों पर बराबर फोकस करते रहें।

किसी भी विषय को अभी छोड़ने की गलती न करें

अभी तक PHQ (पुलिस भर्ती बोर्ड) की ओर से यह आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है कि परीक्षा में केवल—

  • गणित (Maths)
  • रीजनिंग (Reasoning)
  • सामान्य ज्ञान (GK)
  • विज्ञान (Science)

ही पूछे जाएंगे।

इसलिए यदि आपने हिंदी और कंप्यूटर की तैयारी शुरू कर दी है, तो उसे बीच में बिल्कुल भी न छोड़ें।

क्योंकि पुलिस भर्ती बोर्ड (PHQ) कभी भी बन सकता है, कभी भी भर्ती आ सकती है और कभी भी परीक्षा आयोजित हो सकती है।

यदि परीक्षा ESB कराता है और नया सिलेबस लागू हो जाता है, तब भी आपके पहले से पढ़े हुए अधिकांश विषय वही रहेंगे। ऐसे में केवल एक-दो विषयों का अंतर पड़ेगा।

सिलेबस को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं

कुल मिलाकर सिलेबस को लेकर बिल्कुल भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।

आप फिलहाल पूरा सिलेबस पढ़ते रहें क्योंकि परीक्षा के समय आपको तैयारी का अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा।

यदि ESB अपने कैलेंडर में भर्ती जारी कर देता है, तो संभव है कि एक महीने के अंदर ही परीक्षा आयोजित कर ली जाए।

ऐसी स्थिति में—

  • सभी विषयों की तैयारी
  • Previous Year Questions (PYQ)
  • प्रैक्टिस सेशन
  • टेस्ट सीरीज़
  • मॉक टेस्ट
  • रिवीजन

इन सभी चीजों को एक महीने में पूरा करना काफी मुश्किल हो जाएगा।

अभी से पूरी तैयारी शुरू रखें

इसलिए बेहतर यही रहेगा कि आप अभी से अपनी तैयारी लगातार जारी रखें।

हिंदी और कंप्यूटर जैसे विषयों को भी अपनी तैयारी में शामिल रखें और फिलहाल यही मानकर चलें कि ये सिलेबस का हिस्सा हो सकते हैं।

जिस दिन आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट हो जाए कि कोई विषय हटाया गया है, उस दिन आप उसे पढ़ना बंद कर सकते हैं।

लेकिन अभी किसी भी विषय को छोड़ना सही फैसला नहीं होगा।

इससे आपके मन में यह चिंता भी नहीं रहेगी कि आपने कोई महत्वपूर्ण विषय नहीं पढ़ा।

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